Fascination About Dosti Shayari

जब बचपन मे दोसत के साथ की हुई मस्तियाँ याद आती है

क्योंकि हमारी दोस्ती की क़ैद में जमानत नहीं होती

तेरे बिना तो ये ज़िंदगी, एक खाली सा अंधेरा है।

“दोस्ती में ना कोई फ़ासला, ना कोई दूरी का ग़म।”

“जब दिल टूटता है, तब दोस्ती संभाल लेती है।”

“तेरी यारी का हर रंग खूबसूरत, जैसे सुबह की पहली किरण।”

“सच्चा दोस्त हर मुश्किल को आसान बनाता है।”

दोस्ती में हँसी न हो तो बात अधूरी है! पढ़िए फ़नी दोस्ती शायरी, जो कॉलेज की कैंटीन, लास्ट-बेंच की हरकतों और ओवर-एक्टिंग वाले ग्रुप-फोटो को याद दिला देगी। हर शे’र में होगी गुदगुदी, हल्का-सा तंज़ और पेट-दर्द करने वाली हँसी—बस अपने यारों को टैग करके लोटपोट हो जाइए!

बल्कि दिल से दिल का मिलना होता है, यही सबसे बड़ी Dosti Shayari पहचान होती है।

तेरा साथ मिले तो हर फिक्र दूर हो जाती है,

पाँच मिनट बाद वही दोस्त मुझे… “खो गए क्या?” कह कर मजाक उड़ाते हैं!

ज़ुबान पे नाम लाना जरूरी नहीं होता मेरे दोस्तों

कुछ रिश्ते बिछड़ कर फिर कभी नहीं मिलते,

“दोस्ती गुलाब जैसी सु‍ंदर, तेरी यारी सदा अमर।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *